सभे सदस्यगण के प्रणाम,
का करीं दिमाग में कुछ ना कुछ घुमात रहेला, कभी कुछ करे के ता कभी कुछ करे के, भोजपुरी खातिर जेतना भी करीला ओकरा से संतुष्टि ना मिले आ शायद मिलबो ना करी. कभी लेख, कभिव कविता ता कभी भोजपुरी से जुडल कवनो गंभीर मुद्दा पर चर्चा. लेकिन कुछ दिन पहिले दिमाग में जूनून चढ़ल की भोजपुरी के पैरोडी बनायिब आ कुछ पैरोडी के हम एह साईट पर अपलोड कईनी. लेकिन आज मन में कुछ अलग करे के धून सवार हो गईल, ई धून काहे सवार भईल ई ना बता सकी लेकिन एक बात जरुर मन में रहे की हरेक भाषा में कार्टून मूवी देखे के मिलेला, त फिर हमार मात्री-भाषा भोजपुरी में काहे ना ? बस धून सवार हो गईल त हो गईल....धून सवार होला आ हम शुरुआत कर दिहिला. आ शुरुआत भी हो गईल भोजपुरी कार्टून मूवी बनावे के.
आज भोरही से तईयारी में लागल रहीं आ एक कहानी "पंडित आ तीन ठग" पर काम शुरू कर देनी. डबिंग आ एडिटिंग के काम केतना कठिन होला, ई आज पता लागल. कार्टून देख के हँसे वाला लोग शायद ही कार्टून बनावे वाला के मेहनत के बारे में सोचत होई. हम अब जान चुकल बानी की ई काम बहुत कठिन काम बा. फिर भी एक प्रयास कईले बानी. आशा बा की अपने सभे के हमार ई नवका सृजनात्मक काम पसंद पड़ी......कईसन लागल ई अपने सभे जरुर बतायिब.
हमार एक मित्र एह कार्टून के देख के बहुत खुश बाडन की भोजपुरी में पहिलका कार्टून मूवी होई "पंडित आ तीन ठग" अभी ले केहू एह विषय में सोचले भी ना होई. ई त हमार मित्र के कहनाम बा लेकिन हमार एह सोशल साईट के परिवारीजन के का प्रतिक्रिया बा ई हमरा खातिर बहुत मायने राखेला.
एह भोजपुरी कार्टून मूवी के शीर्षक बा "पंडित और तीन ठग", कहानी शिक्षाप्रद बा. हाँ थोडा बहुत ऑडियो में समस्या होई काहे की हमार माईक्रोफोन में कुछ समस्या बा, अगर अपने सभे के ई अच्छा लागल त माईक्रोफोन के बदल दिहल जाई.
त अपने सभे एह भोजपुरी कार्टून मूवी के अननद लिहिन जा आ अपन प्रतिक्रिया इमानदारी आ सच्चाई के साथ कमेन्ट में प्रस्तुत करब जा. अगर अपने सभे के पसंद पड़ी त फिर हम और भी एह विषय में काम करे के सोचब.
राउर भाई
आर के पाण्डेय "राज"
लखनऊ
निचे दिहल लिंक पर क्लिक करके भोजपुरी कार्टून मूवी "पंडती आ तीन ठग" देखीं आ आपन प्रतिक्रिया कमेन्ट के माध्यम से दिहिन........
You need to be a member of Media Club Of India - Global Media Network... to add comments!
Join Media Club Of India - Global Media Network...