Rajesh Tripathi
Rajesh Tripathi
  • Male
  • Kolkata, West Bengal
  • India
Share Twitter

Rajesh Tripathi's Friends

  • VIJAY SHANKAR PANDEY
  • NARESH MITTAL
  • HARISH KUMAR HITESHI
  • pawan srivastava
  • Rajeev kumar
  • CHANDRA SHEKHAR JAIN
  • Kuldeep kumar shrivastava

Rajesh Tripathi's Groups

Rajesh Tripathi's Discussions

रोइए उस हिंदुस्तान की खातिर जो खो गया है

Started this discussion. Last reply by dr. sanjeev agarwal Mar 4, 2011. 1 Reply

-राजेश त्रिपाठीहमारे देश ने इतनी तरक्की की है कि हम दुनिया के दूसरे देशों से प्रगति में मुकबला करने काबिल हो गये हैं।…Continue

Gifts Received

Gift

Rajesh Tripathi has not received any gifts yet

Give a Gift

 

Rajesh Tripathi's Page

Latest Activity

Profile Icon

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो

 राजेश त्रिपाठी आप अंग्रेजी, हिंदी या किसी क्षेत्रीय भाषा का अखबार उठाइए आपको उनमें वैलेनटाइन डे छाया मिलेगा। उनमें इससे संबंधित जितने फीचर नहीं होंगे, उनसे कहीं ज्यादा उन वस्तुओं के विज्ञापन होंगे जिनमें प्रेमी-प्रेमिकाओं को इस बात के लिए लुभाया-ललचाया जा रहा होगा कि इस विशेष दिन पर वे आपस में किस तरह के  और कैसे-कैसे वेशकीमती तोहफों का आदान-प्रदान कर अपने प्रेम को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। कुछ इस तरह जैसे पैसे बिना प्यार फिजूल है। ऐसे प्यार को प्रोत्साहन, बढ़ावा जो दिल नहीं दौलत देखता हो। जबकि…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured 4 hours ago
Profile Icon
Blog posts by Rajesh Tripathi 4 hours ago
Profile Icon
Profile Icon

युगपुरुष विवेकानंद , महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक

150 वीं जन्मजयंती पर विशेष राजेश त्रिपाठीहमारा देश ऐसे अनेक संतों की चरण रज और उनके पावन विचारों से पुनीत हुआ जिन्होंने धर्म और आचार विमुख हो रहे मानव समाज को धर्माचरण के लिए प्रेरित किया। इस संत समाज का विश्व हमारा ऋणी रहेगा जिन्होंने अनाचार, अत्याचार और असाधु आचरणों की वृद्धि को विराम लगाने और धर्म की प्रतिष्ठा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इनमें कई ऐसे थे जिनके लिए ईश सेवा से कहीं श्रेयष्कर थी पीड़ित मानवता की सेवा। जो दुखियों में ही दीनानाथ प्रभु के दर्शन करते थे ऐसे ही संत पुरुषों में…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured Jan 12
Profile Icon

युगपुरुष विवेकानंद , महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक

150 वीं जन्मजयंती पर विशेष राजेश त्रिपाठीहमारा देश ऐसे अनेक संतों की चरण रज और उनके पावन विचारों से पुनीत हुआ जिन्होंने धर्म और आचार विमुख हो रहे मानव समाज को धर्माचरण के लिए प्रेरित किया। इस संत समाज का विश्व हमारा ऋणी रहेगा जिन्होंने अनाचार, अत्याचार और असाधु आचरणों की वृद्धि को विराम लगाने और धर्म की प्रतिष्ठा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इनमें कई ऐसे थे जिनके लिए ईश सेवा से कहीं श्रेयष्कर थी पीड़ित मानवता की सेवा। जो दुखियों में ही दीनानाथ प्रभु के दर्शन करते थे ऐसे ही संत पुरुषों में…See More
Blog post by Rajesh Tripathi Jan 12
Profile Icon

देश के कर्णधारो, सुधरो या टूटो

-राजेश त्रिपाठीप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि वे बहुत दुखी हैं क्योंकि लोग उनकी सरकार को देश की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार कह रहे हैं। मनमोहन जी धन्यवाद और आभार। यह खुशी और राहत की बात है कि हमारे देश के मुखिया (अन्ना की भाषा में पंत प्रधान) की संवेदना मरी नहीं, उसे भी दुख और ग्लानि सताती है। यह बातें सुकून देती हैं कि हमारे प्रधानमंत्री को देश , अपनी सरकार की चिंता है। इससे यह तो लगता ही है कि आज नहीं तो कल वे दलों के दलदल और कानूनी पेंचीदगियों से आगे उठ कर अपने दिल और दिमाग की…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured Aug 25, 2011
Profile Icon

देश के कर्णधारो, सुधरो या टूटो

-राजेश त्रिपाठीप्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि वे बहुत दुखी हैं क्योंकि लोग उनकी सरकार को देश की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार कह रहे हैं। मनमोहन जी धन्यवाद और आभार। यह खुशी और राहत की बात है कि हमारे देश के मुखिया (अन्ना की भाषा में पंत प्रधान) की संवेदना मरी नहीं, उसे भी दुख और ग्लानि सताती है। यह बातें सुकून देती हैं कि हमारे प्रधानमंत्री को देश , अपनी सरकार की चिंता है। इससे यह तो लगता ही है कि आज नहीं तो कल वे दलों के दलदल और कानूनी पेंचीदगियों से आगे उठ कर अपने दिल और दिमाग की…See More
Blog post by Rajesh Tripathi Aug 25, 2011
Profile Icon

देश के कर्णधारो, सुधरो या टूटो

Discussion posted by Rajesh Tripathi Aug 25, 2011
Profile Icon
Profile Icon

क्या रामलीला मैदान से निकलेंगी उम्मीद की राहें ?

निर्णायक मोड़ पर अन्ना का धर्मयुद्धराजेश त्रिपाठीआखिरकार सरकार को अन्नाग्रह के आगे झुकना ही पड़ा। उसे अन्ना की मांगें माननी ही पड़ीं। यह एक व्यक्ति विशेष की विजय नहीं बल्कि जनशक्ति की विजय है। वह जनशक्ति जिसके आगे बड़ी-बड़ी शक्तियां नत मस्तक होने को बाध्य होती हैं। सरकार से गलती यह हुई कि उसने अन्ना को पहचानने में भूल की। इसके अलावा उसने यह आंकने में भी भूल की कि जिस व्यक्ति के साथ सारा देश खड़ा हो, उसके एक इशारे, एक आह्वान पर हर वर्ग, हर उम्र और हर पेशे से जुड़े लोग उद्वेलित और आंदोलित हो उठे…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured Aug 19, 2011
Profile Icon
Blog posts by Rajesh Tripathi Aug 19, 2011
Profile Icon

निर्णायक मोड़ पर अन्ना का धर्मयुद्ध

Discussion posted by Rajesh Tripathi Aug 19, 2011
Profile Icon
Profile Icon

गंगाप्रेमी निगमानंद के बलिदान पर राजनीति क्यों

 राजेश त्रिपाठीभारत की जीवनरेखा पावन सुरसरि जिन्हें हम श्रद्धा से गंगा मैया कह कर पुकारते हैं की रक्षा के लिए 115 दिनों से अनशनरत स्वामी निगमानंद की सोमवार 13 जून को कोमा की अवस्था में हुई मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गयी है। इस गंगाप्रेमी युवा स्वामी का खामोश बलिदान समाज और सत्ता में बढ़ती असंवेदनशीलता की ओर  तो प्रश्न उठाता ही है, इससे सरकार की एक संवेदनशील मुद्दे के प्रति उदासीनता भी उजागर होती है। एक तरह से कहें तो इस बलिदानी का  उपेक्षित बलिदान उन सबकी ओर उंगली उठाता है जिनके हृदय में न इस…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured Jun 16, 2011
Profile Icon

गंगाप्रेमी निगमानंद के बलिदान पर राजनीति क्यों

 राजेश त्रिपाठीभारत की जीवनरेखा पावन सुरसरि जिन्हें हम श्रद्धा से गंगा मैया कह कर पुकारते हैं की रक्षा के लिए 115 दिनों से अनशनरत स्वामी निगमानंद की सोमवार 13 जून को कोमा की अवस्था में हुई मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गयी है। इस गंगाप्रेमी युवा स्वामी का खामोश बलिदान समाज और सत्ता में बढ़ती असंवेदनशीलता की ओर  तो प्रश्न उठाता ही है, इससे सरकार की एक संवेदनशील मुद्दे के प्रति उदासीनता भी उजागर होती है। एक तरह से कहें तो इस बलिदानी का  उपेक्षित बलिदान उन सबकी ओर उंगली उठाता है जिनके हृदय में न इस…See More
Blog post by Rajesh Tripathi Jun 16, 2011
Profile Icon

बाबा रामदेव को क्या हो गया है?

  योग गुरु को सेना की जरूरत क्यों पड़ीराजेश त्रिपाठी बाबा रामदेव नयी दिल्ली के रामलीला मैदान गये तो थे भ्रष्टाचार के खिलाफ धर्मयुद्ध लड़ने पर युद्धक्षेत्र से जिस तरह भागे उससे आज उनकी जम कर आलोचना हो रही है। उनके विश्वास में उनके अनुयायी भी वहां गये थे जो पुलिस कार्रवाई में चोट खा बैठे लेकिन रामदेव गिरफ्तारी का साहस भी नहीं जुटा सके। वे तो अपने वहां से भागने को तर्कसंगत बताने के लिए तरह-तरह की कहानियां गढ़ रहे हैं, उनका कहना है कि उनका एनकाउंटर किया जाने वाला था। अब यह तो वही जानते होंगे कि भला…See More
A blog post by Rajesh Tripathi was featured Jun 9, 2011

Profile Information

Company/Organization/College
Sanmarg Hindi Daily
Profession
Journalist
How did you hear about MCI Group ?
From a freinds mail
Contact Nos.
09433728973
Contact Address
30, Ramkrishna Samadhi Road, Block-H, Flat-2, Kolkata-700054 (India)
E-mail ID
rajeshtripathi@sify.com, tripathirajesh2008gmail.com, rajestripathi2011@yahoo.in
Website / Blog
http://rajeshtripathi4u.blogspot.com/ http://www.cinemajagat.blogspot.com http://nagmemere.blogspot.com
Languages known
English, Hindi, Bengali, Oriya, Sanskrit

Rajesh Tripathi's Blog

Rajesh Tripathi

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो

Posted on February 13, 2012 at 9:19am 0 Comments

राजेश त्रिपाठी 

आप अंग्रेजी, हिंदी या किसी क्षेत्रीय भाषा का अखबार उठाइए आपको उनमें वैलेनटाइन डे छाया मिलेगा। उनमें इससे संबंधित जितने फीचर नहीं होंगे, उनसे कहीं ज्यादा उन वस्तुओं के विज्ञापन होंगे जिनमें प्रेमी-प्रेमिकाओं को इस बात के लिए लुभाया-ललचाया जा रहा होगा कि इस विशेष दिन पर वे आपस में किस तरह के  और कैसे-कैसे वेशकीमती तोहफों का आदान-प्रदान कर अपने प्रेम को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। कुछ इस तरह जैसे पैसे बिना प्यार फिजूल है। ऐसे प्यार को प्रोत्साहन, बढ़ावा जो…

Continue
Rajesh Tripathi

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम न दो

Posted on February 12, 2012 at 11:36pm 0 Comments

 

राजेश त्रिपाठी

 

आप अंग्रेजी, हिंदी या किसी क्षेत्रीय भाषा का अखबार उठाइए आपको उनमें वैलेनटाइन डे छाया मिलेगा। उनमें इससे संबंधित जितने फीचर नहीं होंगे, उनसे कहीं ज्यादा उन वस्तुओं के विज्ञापन होंगे जिनमें प्रेमी-प्रेमिकाओं को इस बात के लिए लुभाया-ललचाया जा रहा होगा कि इस विशेष दिन पर वे आपस में किस तरह के  और कैसे-कैसे वेशकीमती तोहफों का आदान-प्रदान कर अपने प्रेम को और प्रगाढ़ कर सकते हैं। कुछ इस तरह जैसे पैसे बिना प्यार फिजूल है। ऐसे…

Continue
Rajesh Tripathi

युगपुरुष विवेकानंद , महान आध्यात्मिक गुरु और समाज सुधारक

Posted on January 12, 2012 at 12:16pm 0 Comments

150 वीं जन्मजयंती पर विशेष 

राजेश त्रिपाठी

हमारा देश ऐसे अनेक संतों की चरण रज और उनके पावन विचारों से पुनीत हुआ जिन्होंने धर्म और आचार विमुख हो रहे मानव समाज को धर्माचरण के लिए प्रेरित किया। इस संत समाज का विश्व हमारा ऋणी रहेगा जिन्होंने अनाचार, अत्याचार और असाधु आचरणों की वृद्धि को विराम लगाने और धर्म की प्रतिष्ठा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इनमें कई ऐसे थे जिनके लिए ईश सेवा से कहीं श्रेयष्कर थी पीड़ित मानवता की सेवा। जो दुखियों…

Continue
Rajesh Tripathi

देश के कर्णधारो, सुधरो या टूटो

Posted on August 25, 2011 at 10:00am 0 Comments

-राजेश त्रिपाठी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कहना है कि वे बहुत दुखी हैं क्योंकि लोग उनकी सरकार को देश की अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार कह रहे हैं। मनमोहन जी धन्यवाद और आभार। यह खुशी और राहत की बात है कि हमारे देश के मुखिया (अन्ना की भाषा में पंत प्रधान) की संवेदना मरी नहीं, उसे भी दुख और ग्लानि सताती है। यह बातें सुकून देती हैं कि हमारे प्रधानमंत्री को देश , अपनी सरकार की चिंता है। इससे यह तो लगता ही है कि आज नहीं तो कल वे दलों के दलदल और कानूनी पेंचीदगियों से आगे उठ कर अपने दिल…

Continue

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Media Club Of India - Global Media Network... to add comments!

Join Media Club Of India - Global Media Network...

At 11:02am on July 1, 2010, Kuldeep kumar shrivastavaKuldeep kumar shrivastava said…
Happy Birthday Sir !!
At 12:51pm on April 22, 2010, kulwant happykulwant happy said…
भाषा से तो खिलवाड़ मत कीजिए। अच्छा मुद्दा उठाया है जी। वैसे मुझे भी ज्यादा हिन्दी नहीं आती, क्योंकि पंजाबी हूँ, पर कोशिश करना भी तो बुरी बात नहीं, हो सकता है मैं कठिन न सही आसान शब्द तो इस्तेमाल कर सकता हूँ। आमिन आमीन में भी फर्क है।
At 8:32am on February 15, 2010, Jennifer -Human Rights FighterJennifer -Human Rights Fighter said…
Dear Mr. Rajesh Tripathi
Welcome you to join Human Rights Fighter Group for such noble cause!
I am Jennifer(Hong Kong) from a victim of crime by Pakistan to be a Human Rights fighter for justice to all people in United Nations. I have been being a lot of sufferings by Pakistan since 2004. This case indicates a gross violation of UNDHR for arbitrary arrest, unlawful detention, and enforced disappearance, violence against a woman, torture and inhuman treatment, racial and religious discrimination, deprivation of victim's rights and a murder attempt against my life by shooting.. It is not only my matter and it is mainly concern with all people justice in this world.This is a justice and constant fight against evilness in the world.
If a government ignores social ethics, religious commandments, state Constitutions or even UN international Laws ,and just as a UN Human Rights Council member state like Pakistan can arbitrarily violate human rights of individuals without any punishment, the remark that “Everyone, everywhere enjoy human rights” by Ban Ki-moon, Secretary-General will be an empty slogan. Who can tell the people there is JUSTICE in the world?
We also have a plan for setting up a Human Rights Conference in United Nations to member of Human Rights promoters. Hopefully, you will join to work together for this noble cause. Love Human on Conscience, Promote Peace by Action! Let us have everyone, everywhere enjoys Human Rights. Look forwards to hearing any response with comments back to me from you! Kindly keep in touch!
Wish you all the best!
Yours truly,
Jennifer Chim
For all relevant documents, please click www.voiceofvictims.org on the section of Jennifer’s Autobiography and HR Case Studies.
http://www.voiceofvictims.org/DataSets/JenniferBiography.php
Please kindly support VOV to forward this story to all people.
Your support will be a sparkle to light a flame of Human rights for world peace.
At 2:37pm on February 1, 2010, NARESH MITTALNARESH MITTAL said…
thanks tripathi, we will remain touch. thanks
At 10:05am on January 25, 2010, pawan srivastavapawan srivastava said…
hai friend how r u
At 11:06pm on January 24, 2010, Kuldeep kumar shrivastavaKuldeep kumar shrivastava said…
Welcome to MCI !!
 
 
 

हिन्दी टाइपराइटर

 


"मीडिया क्लब आफ इंडिया (Powered By Media Club (Regd.) एक सामाजिक साइट है। यहाँ प्रकाशित विचार, लेख आदि सदस्यों के निजी हैं। इन विचारों आदि के लिए मीडिया क्लब आफ इंडिया जिम्मेदार नहीं है। पर मीडिया क्लब आफ इंडिया सदस्यों से अनुरोध करता है कि वे सत्य समाचार आदि ही यहाँ प्रकाशित करें।" सादर धन्यवाद।।
Admin - Media Club Of India
************************ 

Media Club of India (Powered By Media Club (Regd.) for you, if you are Journist or looking for: Jobs in Media Sector, Jobs in Print media, obs in Digital Media, Jobs in New Media, Jobs in Analytics / Research / Metrics, Animation & Graphics, Blogging, Content Management, Creative, Digital Video & Film, Direct Marketing, Event Production and Planning, Marketing & eMarketing, Media Planning & Buying, Media & Public Relations, Mobile Marketing, Multimedia, Internet Operations, Podcast & Webcast, Product Development , Project Management, Sales/Business Dev, SEO & SEM, Writing & Production.



For Queries/Feedback/ Suggestions related to MCI global community, please contact admin@mediaclubofindia.com

23/116, 1st Floor, Veer Savarkar Block Main Vikash Marg, Shakarpur
Delhi – 110092, India
Phone: 91-11-43022731,
Mobile: 91-9891414433


 

 

 

 

 

SUBLIME TRANSLATION PVT LTD

Sublime services cater to all your needs in translation and multilingual documentation. Be it business translation, technical translation, personal translation or any of its kind, we as a service provider aim to deliver you a high quality, and fast turnaround translation that too at very competitive prices. Sublime Translation : ISO 9001 : 2000 Certified Company. The translation of all the documents is being handled by professionals, who are native of their particular language and also experts in the specific subject area. Be it translation of Legal documents, Technical documents, General translation, or translation of websites, Sublime provides you with round the corner services. : Sublime Translation Private Limited (INDIA) www.sublimeindialanguageit.com www.sublimetranslation.com E-mail: info@sublimeindialanguageit.com
डॉ. उमेश पुरी 'ज्ञानेश्वर''

Writer & Editor & Published Hindi Monthly "JYOTISHNIKETAN SANDESH"

© 2012   Created by Abijita Sinha.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service