india's frist fort knightly news papers based on astrology, fully dedicated to save value of this ancient occult science .
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Latest Activity: Feb 26, 2011
Started by tee kay marwah. Last reply by dr. sanjeev agarwal Oct 26, 2010. 6 Replies 0 Likes
लयुग मैं बाबाओं से ही सात्विक आचरण की अपेक्षा क्यूँ ....और क्यों ? मारवाह टी के आज अख़बारों टी वी चेनलों मैं लगभग रोजाना…Continue
Started by tee kay marwah. Last reply by Anandkumar Nakhare Apr 10, 2010. 9 Replies 0 Likes
ज्योतिष के नाम पर जगह जगह निम्नस्तरीय सम्मलेन और उनमें पैसो से खरीदे जाने वाले मेडल,उपाधियाँ,और प्रामनपत्र क्या उचित हैं ? 07/04/2010Continue
Started by tee kay marwah Apr 9, 2010. 0 Replies 0 Likes
क्या ये संभव हे ....?आजकल ढेरों अखबारों पत्रिकायों मैं तथ्कथिक ज्योत्शियोंतांत्रिकों के विज्ञापन भरे पड़ें हैं ,की मात्र चार घंटों मैं टेलीफोन परमनचाहा प्यार ,शत्रुओं से छुटकारा ,मुकदमों मैं विजय…Continue
Started by tee kay marwah. Last reply by tee kay marwah Apr 9, 2010. 1 Reply 0 Likes
राशिफल की सत्यता , आज समस्त पत्र, पत्रिकाओ , न्यूज़ चेनलो आदि में सभी जगह राशिफल का बोलबाला है !आज ज्योतिषी लोग जहाँ जिस पत्रिका , पेपर , टीवी चैनलों , ऍफ़ एम् आदि परसस्ती लोकप्रियता हाशिल करने के…Continue
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Comment by tee kay marwah on February 26, 2011 at 4:31pm
भारत में प्रचीन समय से ही जमीन पर बैठकर खाना खाने की परंपरा थी। लेकिन आज पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण डायनिंग टेबल पर खाना खाने की संस्कृति हमारे यहां बस चुकि है।हमारे पूर्वजो ने जो भी परंपरा बनाई थी उसके पीछे कोई गहरी सोच थी।
इसलिए जमीन पर सुखासन में बैठकर खाना खाने की परंपरा बनाई गई। जमीन पर सुखासन अवस्था में बैठकर खाने से वे कई स्वास्थ्य संबंधी लाभ प्राप्त कर शरीर को ऊर्जावान और स्फू र्तिवान बना सकते हैं। जमीन पर बैठकर खाना खाते समय हम एक विशेष योगासन की अवस्था में बैठते हैं, जिसे सुखासन कहा जाता है। सुखासन पद्मासन का एक रूप है। सुखासन से स्वास्थ्य संबंधी वे सभी लाभ प्राप्त होते हैं जो पद्मासन से प्राप्त होते हैं। - बैठकर खाना खाने से हम अच्छे से खाना खा सकते हैं। - इस आसन से मन की एकाग्रता बढ़ती है। - इस तरह खाना खाने से मोटापा, अपच, कब्ज, एसीडीटी आदि पेट संबंधी बीमारियों में भी राहत मिलती है। - सुखासन से पूरे शरीर में रक्त-संचार समान रूप से होने लगता है। जिससे शरीर अधिक ऊर्जावान हो जाता है। - इस आसन से मानसिक तनाव कम होता है और मन में सकारात्मक विचारों का प्रभाव बढ़ता है। - इससे हमारी छाती और पैर मजबूत बनते हैं। - सुखासन वीर्य रक्षा में भी मदद करता |
SANI ME KUCH TO JARUR HAI, 8888888888 KA NUMBER 3 LOGO NE ESTMAL KIYA, TENO HAADSE KA SIKAR HOKAR MAARE GAE.* AMARUJALA* DT.23-2-2011 KO EK LEKH DEWARA BETAYA GEYA THA
ES DESH ME AVAM DAR SE HE SAMAJTA HAI, VARNA PIPAL PER KONSA RAKSAS BETHA REHTA HAI, KI PIPAL KATNE SE DOS LEGEGA.
KALUG ME DAAN,SATYUG ME HAWAN,DEWAPAR ME MANTAT, SE KARYA SIDH KIYA JATE REHE THE OR HAI.
JAB SAB JAGAH SE JATAK HAARJATA HAI, TAB JYOTISHSHASTRI KE PAS JATA HAI. OR BAHUT KUCH KE UMID KARTA HAI.
Comment by tee kay marwah on February 25, 2011 at 9:02pm
Comment by Acharya Anupam Jolly "Maitreya" on April 6, 2010 at 6:47pm
Comment by tee kay marwah on April 6, 2010 at 6:30pm
Comment by tee kay marwah on April 6, 2010 at 11:05am
Comment by tee kay marwah on April 6, 2010 at 11:03am
Comment by Keshav Bhatli on April 5, 2010 at 8:12pm "मीडिया क्लब आफ इंडिया (Powered By Media Club (Regd.) एक सामाजिक साइट है। यहाँ प्रकाशित विचार, लेख आदि सदस्यों के निजी हैं। इन विचारों आदि के लिए मीडिया क्लब आफ इंडिया जिम्मेदार नहीं है। पर मीडिया क्लब आफ इंडिया सदस्यों से अनुरोध करता है कि वे सत्य समाचार आदि ही यहाँ प्रकाशित करें।" सादर धन्यवाद।।
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