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Permalink Reply by PANKAJ SINGH on March 2, 2011 at 9:33pm
Permalink Reply by PANKAJ SINGH on March 2, 2011 at 9:37pm
YE BICHAR DESH KE MAHAN CHINTAK VICHARAK NYAYBID SIKSHAVID MAHAN NAGRIK JINKA JEEVAN BAHUT HI MAHAN KARYO SE BHARA HUA JINKA JEEVAN AAJ KE SABHI DALALO KE LIYE PRERNA SHROT HAI UNKE HAI ?
भाजपा का दोहरा आचरण
Dec 11, 11:39 pm
बताएं
िलहान आयोग क रपट पर संसद के दोन सदन म बहस समा भी हो गई। गृहमं$ी का जवाब भी आ गया तथा शोरगुल भी थम गया। भाजपा के व)ाओं ने +रपोट, को नकार -दया, उसका मजाक बनाया, जब-क
कां/ेस के लोग ने कमीशन क +रपोट, के मुता0बक 1ज2मेदार3 तय करके दो0षय के 1खलाफ कार,वाई क मांग क। सपा जैसी पा-ट,य ने दोन तरफ हमला बोल राजनीितक फायदे क चे8ा क। य-द पूर3 बहस का
अ;छ= तरह 0व>ेषण -कया जाए तो भाजपा ने सबसे पहले तो अपने उन व)ाओं को बोलने से मना कर -दया जो कमीशन क +रपोट, म अिभयु) बनाए गए ह?। इसका अथ, है एक तरह से उनको अिभयु) Aवीकार
कर िलया गया। उनके सभी व)ाओं के भाषण का सार यह था -क िलहान आयोग क +रपोट, का मजाक कैसे बनाया जाए, उसम दो-चार तCय क गलितय को कैसे पूरे भाषण का आधार बनाया जाए। इसम कोई
शक नह3ं है -क कुछ तCयाEमक गलितयां +रपोट, म थीं, ले-कन उसक वजह से हजार पेज क पूर3 +रपोट, को झुठला देना उिचत नह3ं है।
+रपोट, म काफ 0वAतार से तमाम तCय को सह3 Hप से पेश -कया गया है। म? Aवयं कमीशन के सामने एक गवाह के Hप म पेश हुआ था। कमीशन हर Iय0) से काफ 0वAतार से पूछताछ करता था। इतना जHर
है -क इस काम म समय बहुत Jयादा लग गया। -कसी भी आयोग के िलए स$ह साल एक ऐसे संवेदनशील 0वषय पर लेना उिचत नह3ं है। कमीशन ने थोड़ा इधर-उधर के 0वषय को भी बेवजह ले िलया, जैसे -क
राजनीितक दल कैसे काम कर, लोकतं$ कैसे चले आ-द-आ-द। य-द +रपोट, िसफ, अयोMया पर होती तो पेज कुछ कम लगते। -फर भी अयोMया म उस -दन क घटना पर, उसके इितहास पर और आगे-पीछे के
0ववरण पर 0वAतार से रोशनी डाली गई है। एक जगह गांधीजी क हEया का -दन 30 जनवर3 क जगह 31 जनवर3 िलखा गया। यह तकनीक गलती है। ऐसी गलितय क वजह से पूर3 +रपोट, को नकार देना, उसे
झूठ का पुिलंदा बताना उिचत नह3ं है। अQण जेटली और सुषमा Aवराज ने जज और +रपोट, दोन का मजाक बनाने क चे8ा क। मेरा RS बहुत सीधा है, आप दोन तक, नह3ं दे सकते ह?। संसद के अंदर और
अदालत म यह कहा जाता है -क 0ववा-दत ढांचा िगराने म हमारा कोई हाथ नह3ं था, हमने कुछ नह3ं -कया, पता नह3ं -कसने िगरा -दया और हम बेवजह िलहान आयोग फंसाने क कोिशश कर रहा है, ले-कन बाहर
जब चुनाव Rचार के िलए जाते ह? तो भाजपा के Jयादातर नेता वाहवाह3 लूटते ह?, तािलयां बजवाते ह? और यह कहते ह? -क हमने ढांचा िगरवाया और हम गव, है -क हमने यह काम -कया। उUह एक 1ज2मेदार Iय0)
क तरह एक बात पर कायम रहना चा-हए। या तो यह क-हए ढांचा हमने नह3ं िगरवाया या क-हए -क िगरवाया। मुकदमा चलने और जेल जाने के डर से कहते ह? -क हमने ढांचा नह3ं िगरवाया, ढांचा िगरना शम,नाक
बात है। लालकृVण आडवाणी ने िलहान आयोग के सामने कहा -क ढांचा का िगरना एक गैर-कानूनी काम था। इस घटना से वह बहुत आहत थे और उUहने इसे कतई पसंद नह3ं -कया था। उUहने यहां तक कहा
-क अयोMया के मामले पर अदालत का जो भी फैसला आएगा वह उUह मंजूर होगा। अटल 0बहार3 वाजपेयी और जसवंत िसंह आ-द ने तो इसे राWीय शम, बताया था।
अब RS उठता है -क दोन बात कैसे हो सकती ह? इस मामले म कम से कम िशवसेना के लोग साफगोई से बात कर रहे ह?। िलहान +रपोट, पर राJयसभा म बहस के दौरान िशवसेना नेता मनोहर जोशी ने
खुलकर कहा -क जब सब कहते ह? -क हमने नह3ं िगराया और कोई 1ज2मेदार3 नह3ं लेने को तैयार नह3ं है तो िशवसेना इसक 1ज2मेदार3 लेती है और कहती है -क हम यह काम करने पर गव, है। इसका मतलब
यह नह3ं है -क हमने िगराया है, ले-कन जब कोई Aवीकार करने को तैयार नह3ं है तो हम तैयार ह?। एक तरह से िशवसेना का यह बयान भाजपा के मुंह पर तमाचा है। उसे य-द रामभ) का वोट लेना है तो खुलकर
बोलना चा-हए। भाजपा के नेता एक तरफ चुनावी भाषण म इसका फायदा लेना चाहते ह? और दूसर3 ओर अदालत जाने से बचना चाहते ह?। जहां तक समाजवाद3 पाटY का ताZलुक है, उसके नेताओं के मन म इस
बार कZयाण िसंह का अपराध बोध था, इसिलए भाजपा से Jयादा आलोचना उUहने कां/ेस क। कZयाण िसंह के साथ जाने को गलती बताया, ले-कन यह नह3ं बता पाए -क आदमी से गलती एक बार होती है, दो-दो
बार कैसे हुई। एक बार कZयाण िसंह के साथ सरकार बनाई, उनके बेटे को मं$ी बनाया और जब कZयाण िसंह वापस भाजपा म चले गए तो +र[ते खEम हो गए।
बाद म जब 0पछला लोकसभा चुनाव आया और पता चला -क 14 सीट पर लोध जाित के वोट ह? तो -फर कZयाण िसंह से न केवल चुनाव समझौता -कया गया, ब1Zक बेटे को सपा का महासिचव बनाया, उUह मंच
पर लाल टोपी पहनाई, जयकार के नारे लगवाए और कहा -क अब हम 1जंदगी भर साथ रहगे। लोकसभा चुनाव और खासतौर से -फरोजाबाद उपचुनाव म जब Jयादा फायदा नह3ं िमला तो लगा -क कZयाण िसंह
लोध वोट नह3ं -दलवा पा रहे ह?, इसिलए उनसे +र[ता -फर तोड़ िलया। इस बात क कोई गारंट3 नह3ं है -क सपा कल -फर कZयाण िसंह के साथ नजद3क कायम नह3ंकरेगी। सपा के व)ाओं ने कां/ेस पर आरोप
लगाया -क उसने मु1Aलम राWपित बनवाए, ले-कन Rधानमं$ी \य नह3ं बनवाया? इस पर जब कां/ेस के सदAय ने जवाबी सवाल दागा -क आपने तीन-तीन बार मौका िमलने पर -कसी मु1Aलम को उ]र Rदेश का
मु^यमं$ी \य नह3ं बनाया? बेनी Rसाद वमा, ने तो यहां तक कहा -क कारसेवक मुलायम िसंह यादव के काय,काल म भी ढांचे के ऊपर कैसे चढ़ गए थे? उनक सरकार वाजपेयी और आडवाणी ने ह3 0पछली बार
बनवाई थी। उUहने यह भी कहा -क ढांचा िगरने के व) राJयपाल सEयनारायण रेaड3 थे, 1जनक भूिमका ठ=क नह3ं थी और उUह वीपी िसंह से कहकर मुलायम िसंह ने राJयपाल बनवाया था।
कां/ेस के सदAय का कहना था -क इसम कोई शक नह3ं है -क तEकालीन Rधानमं$ी नरिसंह राव को सतक, होकर काम करना चा-हए था। उनक गलती रह3 -क उUहने संघ प+रवार के लोग पर भरोसा कर िलया।
संघ प+रवार ने राव और सुRीम कोट, दोन को धोखा -दया, दोन से झूठ बोला। उUह आbासन देने के बाद भी उस 0वbास को पूरा नह3ं -कया। कुल िमलाकर िलहान कमीशन पर लोकसभा और राJयसभा म
गरमागरम बहस तो हो गई, अब इस बात का इंतजार है -क अित+र) कार,वाई +रपोट, कब आती है। एक कार,वाई +रपोट, आ चुक है, 1जसम दोष का िनधा,रण है। अब अगली +रपोट, इस बात क होनी चा-हए -क
-कसको \या सजा द3 जाए, -कसके 1खलाफ अपराध प$ दा1खल -कया जाए और इसम कौन सी धाराएं शािमल क जाएं? यह काम अब गृहमं$ालय को करना है और उसी का इंतजार सभी को है।
[राजीव शु\ला: लेखक कां/ेस के राJयसभा सदAय ह?]
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