केंद्र की यूपीए सरकार के लिए सिरदर्द बन चुके समाजसेवी अन्ना हजारे पर कांग्रेस ने जस्टिस पी.बी.सावंत आयोग की रिपोर्ट के सहारे अब तक का सबसे बड़ा और तल्ख हमला बोल दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सावंत आयोग ने अन्ना हजारे की संस्थाओं पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में अन्ना और उनके लोगों पर जबरन वसूली, फिरौती, संपत्ति पर कब्जा और संस्थाओं के अकाउंट्स के ऑडिट न कराने की बात कही गई है।
हालांकि, हिंद स्वराज ट्रस्ट में कथित तौर पर गबन के मामले में अदालत ने अन्ना हजारे को पहले ही बरी कर दिया है।
अन्ना की इस टिप्पणी पर कि पीएम किस मुंह से झंडा फहराएंगे, मनीष तिवारी ने कहा कि हजारे ने शिष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने न सिर्फ पीएम का अपमान किया बल्कि तिरंगे का भी अपमान किया है जिसे लाल किले पर लहराने के लिए लाखों हिंदुस्तानियों ने बलिदान किया।
अन्ना पर शिष्टाचार की सारी सीमाएं लांघने का आरोप लगाने वाले मनीष तिवारी ने उनके लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'तुम किस मुंह से भ्रष्टाचार की बात करते हो, जबकि तुम खुद सिर से पांव तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हो।ये बात हम नहीं कहते, बल्कि उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश की अगुवाई में बना हुआ जांच आयोग कहता है।' उन्होंने कहा कि अन्ना के साथ जुड़े लोग 'ए' कंपनी के मेंबर हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, 'अन्ना हजारे पारदर्शिता की बात करते हैं लेकिन अपने ऊपर इसे लागू नहीं करते हैं। अगर आप नैतिकता की दुहाई देते हैं तो पहले सावंत आयोग के इल्जामों का जवाब दें। उन्हें आईना दिखाना जरूरी है।'
उन्होंने कहा, 'अन्ना ने कहा था कि सरकार फौज में उनकी सर्विस की जांच करवा रही है। आज सूचना का अधिकार सबके पास है। आर्मी ने मई, 2011 में अन्ना हजारे को चिट्ठी लिखकर सूचित किया था कि कोई सूचना के अधिकार के तहत आपके बारे में जानकारी चाहता है लेकिन उन्होंने आज तक जवाब नहीं दिया। अगर अन्ना पाक-साफ हैं तो चार महीने में उस चिट्ठी का जवाब क्यों नहीं दिया।'
महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर, 2003 में अन्ना हजारे समेत कई लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए सावंत आयोग का गठन किया था। आयोग ने 22 फरवरी, 2005 की सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में हिंद स्वराज ट्रस्ट के फंड से अन्ना का जन्मदिन मनाने के लिए किए गए खर्चे को भ्रष्ट आचरण करार दिया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि अन्ना से जुड़े यादवबाबा शिक्षण प्रकाशक मंडल ट्रस्ट के अकांउट में भी गड़बडियां हैं।
Tags:
Permalink Reply by dr.aalok dayaram on August 16, 2011 at 4:00pm "मीडिया क्लब आफ इंडिया (Powered By Media Club (Regd.) एक सामाजिक साइट है। यहाँ प्रकाशित विचार, लेख आदि सदस्यों के निजी हैं। इन विचारों आदि के लिए मीडिया क्लब आफ इंडिया जिम्मेदार नहीं है। पर मीडिया क्लब आफ इंडिया सदस्यों से अनुरोध करता है कि वे सत्य समाचार आदि ही यहाँ प्रकाशित करें।" सादर धन्यवाद।।
Admin - Media Club Of India
************************
For Queries/Feedback/ Suggestions related to MCI global community, please contact admin@mediaclubofindia.com
23/116, 1st Floor, Veer Savarkar Block Main Vikash Marg, Shakarpur
Delhi – 110092, India
Phone: 91-11-43022731,
Mobile: 91-9891414433


© 2012 Created by Abijita Sinha.