नई दिल्ली, 'भोजपुरी सिनेमा का पचास साल : २५ चर्चित फिल्में' लेखक कुलदीप श्रीवास्तव की पुस्तक का विमोचन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने हिंदी भवन के सभागार में किया. इस अवसर पर कार्टून वाटच के त्रिंबक शर्मा और हरिभूमि समाचार के संपादक हिमांसु द्विवेदी भी मौजूद थे. यह पुस्तक भोजपुरी सिनेमा के पचास साल के सफ़रनामा पर प्रकाश डालती है.
कार्टून वाॅच कार्टून फेस्टिवल 2011
जब डाॅ. अब्दुल कलाम ने बनाया कार्टून
कार्टून मन को प्रफुल्लित करने और महान विचारों
को प्रेरित करने वाले होते हैं -डाॅ. कलाम
कार्टून वाॅच कार्टून फेस्टिवल में पाँच कार्टूनिस्ट
को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान
दिल्ली। 30. अप्रैल 2011- अब तक तक मिसाईल मैन के रूप में विख्याात पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम ने लोगों को कार्टून बनाकर हैरत में डाल दिया। कार्टून वाॅच पत्रिका द्वारा 29 अपै्रल को हिन्दी भवन में आयोजित ‘‘कार्टून उत्सव’’ का शुभारंभ उन्होंने अपने हाथों से कार्टून बनाकर किया। उन्होंने एक मुस्कुराता हुआ चेहरा बनाया क्योंकि कार्टूनिस्ट लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेरते हैं।
इस अवसर पर डाॅ. कलाम ने पांच कार्टूनिस्टों को कार्टून वाॅच के लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मनित किया गया । उन्होंने टाईम्स आॅफ इंडिया के श्री अजीत नैनन, नवभारत टाईम्स के पूर्व कार्टूनिस्ट श्री काक, मधु मुस्कान पत्रिका के नन्हा जासूस बबलू के रचयिता श्री हुसैन जामिन, छŸाीसगढ़ के श्री बी.बी. पांडुरंग राव, दैनिक जागरण के कार्टूनिस्ट श्री जगजीत राणा को शाॅल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्टून विधा पर उल्लेखनीय कार्य करने के लिए केरल के सुधीरनाथ का भी सम्मान किया गया।
इस मौके पर अपने उद्बोधन में श्री कलाम ने कार्टून वाॅच परिवार को इस आयोजन के लिए बधाई दी उन्होंने अपने मित्र कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण के संस्मरण सुनाये। उन्होंने कार्टून वाॅच में प्रकाषित उनके स्वयं के कार्टून को दिखाते हुए उसका विष्लेषण भी किया। डाॅ. कलाम ने कार्टून विधा को भ्रष्ट्राचार मुक्त विधा कहा और कहा कि कार्टून बहुत सुखद अनुभूति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि जब वे बहुत तनाव में होते तो कार्टून उन्हें तनावमुक्त करते है। डाॅ. कलाम ने कार्टून वाॅच के माध्यम से ‘‘मिषन फाॅर कार्टूनिस्ट’’ का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस विधा का उपयोग देषहित और देष निर्माण में किया जा सकता है। उन्होंने कार्टूनिस्टों को सुझाव दिया कि वे लोगों को प्रेरित करने के लिए ‘‘क्या दे सकते है’’ पर कार्टून बनाए ना कि ‘‘हम क्या ले सकते हैं’’ पर।
उन्होंने गांधी जयंती पर बने कार्टून का भी जिक्र किया जिसमें दर्द के साथ साथ सकारात्मकता भी थी। इस अवसर पर कार्टून वाॅच के सम्पादक त्र्यम्बक षर्मा ने बताया कि विगत 15 वर्षों में कार्टून वाॅच पत्रिका ने नित नये सोपान गढ़े है उन्होंने पावर पाॅइंट प्रेजेटेेषन के माध्यम से इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाॅ. कलाम कार्टून विधा को ना सिर्फ पसंद करते है अपितु इसकी देष के विकास में उल्लेखनीय भूमिका मानते है। इस मौके पर कार्टून वाॅच के विशेष अंक का विमोचन भी डाॅ. कलाम ने किया।
इस अवसर पर विषिष्ट अतिथि से रूप में उपस्थित हरिभूमि समाचार पत्र के प्रबंध संपादक श्री हिमांषु द्विवेदी ने कहा कि, आज जहां हर क्षेत्र प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में भष्टाचार में अहूता नहीं रहा है। ऐसे में कार्टूनिस्ट ही ऐसे है जो कि निष्पक्ष रूप से सटीक व रोचक तरीके से विभिन्न विषयवस्तु केा सामने लाते है। ऐसे ईमानदार लोगों को सम्मानित करने से सम्मान की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ जाती है। अखबारों में जहां थोड़ा ही स्थान कार्टूनों को प्राप्त होता है वही इससे सम्बंधित समपूर्ण पत्रिका प्रकाशन करना अपने में एक बड़ी बात है।
कार्टून वाॅच के प्रधान संपादक पं. मृत्युंजय षर्मा ने कार्टून वाॅच द्वारा दिये गये पिछले सम्मानों पर प्रकाष डालते हुए कहा कि इससे पहले श्री आर.के. लक्ष्मण, श्री सुधीर तैलंग, श्री आबिद सुरती, श्री प्राण, श्री राजेन्द्र धोड़पकर, श्री एच.एम. सदून, श्री सुरेष सावंत और श्याम जगोता को लाईफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से नवाज़ा जा चुका है। श्री षर्मा ने बताया कि कार्टून वाॅच ने 2008 में लंदन के नेहरू सेंटर में 10 दिवसीय कार्टून प्रदर्षनी का भी आयोजन किया था। जिसको लंदन में भी सराहा गया। उन्होंने कहा कि रायपुर में वे देष का पहला कार्टून म्यूजि़यम भी बनाने की योजना है।
कार्यक्रम को कार्टूनिस्ट श्री अजीत नैनन, श्री काक, श्री हुसैन ज़ामिन, श्री पांडुरंग राव, श्री जगजीत राणा और सुधीरनाथ ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री हनी कुकरेजा ने किया। इस अवसर पर कार्टूनिस्ट श्याम जगोता, चंदर, अंजना शास्त्री, हरविंदर मंकड़, शालीग्राम शास्त्री, अनिय आर्य, आरती षर्मा, मेहुल शर्मा, गौरव त्रिपाठी, मनमौजी आदि उपस्थित थे।
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Permalink Reply by Keshav Bhatli on May 5, 2011 at 9:13am "मीडिया क्लब आफ इंडिया (Powered By Media Club (Regd.) एक सामाजिक साइट है। यहाँ प्रकाशित विचार, लेख आदि सदस्यों के निजी हैं। इन विचारों आदि के लिए मीडिया क्लब आफ इंडिया जिम्मेदार नहीं है। पर मीडिया क्लब आफ इंडिया सदस्यों से अनुरोध करता है कि वे सत्य समाचार आदि ही यहाँ प्रकाशित करें।" सादर धन्यवाद।।
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